Sunday, February 13, 2011

वेलेंटाइन डे के विरोध में है ज्यादा हिन्दू धर्म समर्थक है पर वो पूजा तो कन्हेया की करते है जो खुद गोपियों के दीवाने थे और लोग उनकी प्रेम कथाओ को में बड़े मजे से सुनते है लेकिन आज जब हर कन्हेया गोपियों के पीछे होता है प्रेम करता है तो गलत है एसा क्यों साला धर्म भगवान गलत है या ये लोग
!! जीद करो समाज बदलो !!
मेरे भौतिक शरीर को लोग भारत नाम से जानते है
मै दुनिया में मुसाफिर हु
हर दिन को कुछ इस तरह जीता हु जेसे कोई आखरी हो क्योकि इस जिन्दगी का सत्य मृत्यु है चाहे वो आज हो या कल होनी जरुरी है
मै इश्वरकी शक्ति मै विश्वास नही करता
मै अखंड भारत का नागरिक न तो हिन्दुओ के ज्यादा पक्ष मै हु न ही मुस्लमान के मै तो मानव धर्म मै विश्वास करता हु
दोस्त बनाने का शौक है पर मै दोस्ती हरेक से नही करता

"मुसाफिर है हम भी मुसाफिर हो तुम भी कही किसी मोड़ पर फिर मुलाकात होगी "