Sunday, October 26, 2014

जीने की राह रोशन करे ...
वो इरादा महफूज रख ले तू !

होती है शाम सवेरो की ...
यह इल्म बस मे कर ले तू !

वो इरादा वे ख्वाइश फलक की हैं...
उन रास्तो को सजदे में रख ले तू !

मुक्क्मल होगी तेरी मंजील...
नेकी की राह पकड़ ले तू !

एक उम्र थी, तो इश्क था ...
अब खुदा से मोहब्बत कर ले तू !   

. . . भारत अजीब . . .

Sunday, October 5, 2014

ठिकाना बदलता हू हर दिल से, दिल मिलने से पहले...

ठिकाना बदलता हू हर दिल से, दिल मिलने से पहले...
सुना हैं मुझसे बिछड़ने के बाद, वो रोया बहुत हैं...!

काफी सोचा था मेने , उसको मिलने से पहले...
मगर उसे देखते ही लब्ज आंखो से निकले बहुत हैं...!

संभाल के रखा था उसने, बकरा ईद से पहले...
मगर हलाल करते हुए वो शख्स रोया बहुत हैं...!      

बुढे चिरागों से दुआं , उसने बटोरी थी पहले...
सुना है उसके आंगन मे आज रोशनी बहुत हैं...!

भारत_शोभावत_कोटड़ी_'अजीब'