Sunday, October 26, 2014

जीने की राह रोशन करे ...
वो इरादा महफूज रख ले तू !

होती है शाम सवेरो की ...
यह इल्म बस मे कर ले तू !

वो इरादा वे ख्वाइश फलक की हैं...
उन रास्तो को सजदे में रख ले तू !

मुक्क्मल होगी तेरी मंजील...
नेकी की राह पकड़ ले तू !

एक उम्र थी, तो इश्क था ...
अब खुदा से मोहब्बत कर ले तू !   

. . . भारत अजीब . . .

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