Sunday, June 24, 2012

ख्वाबो से भरा ख्वाब

    "ख्वाबो से भरा ख्वाब"
        
पहली बार दिखे आज वो ख्वाब मे!ं
रुठे हुए मगर कुछ नये नजर आए !!

शिकायत थी उनकी हर एक लब्ज में !
आज इश्क मे बहते अश्क नजर आए  !!

आशियाने तक चले थे , आज वो ख्वाब में !
मेरे अपनो को अपनो की तरह मिलते नजर आए  !!

दिल चाह रहा था , बातो के उस सिलसिले को  !
हकीकत मे नही मगर ख्वाब में गुफ्तगु करते नजर आए!!

ढेर सारे ख्वाबो को संजोया था, आज ख्वाब में !
नींद के खुलते ही फिर से किताबों के बण्डल नजर आए!!    

            --भारत--  

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Saturday, June 16, 2012

** नया शहर **

** नया शहर **

जिंदगी की राह मे
न जाने कितने
शहर बद्ले
कभी इस दर को
तो कभी उस दर को
उम्र बीतती गई
रुह बढते गए
अनुभव क़ी होड मे
सपने बदले
तो कभी संभले
कही मित्र मिले
तो कही दोस्त बने 

आज पुराना शहर
अपनी दांस्ता से नये
शहर को नया बनाता
इन सडक़ो पर
अपने मिलने से
कतराते है
तो कुछ अपने
ना होकर भी
अपने बन जाते है
आज इस शहर मे
अपनो को ढुंढता हुं
एक सपना लिए
एक दुंआ लिए
एक अरमान लिए
तो कभी लोगो
का फरमान लिए

जिंदगी है ये
चलना  इसका
शौक है
अगर इस शहर मे
ना सही तो
और मे ही
कभी शौक है
तो कही शोंक है         

  --भारत--      

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Monday, June 11, 2012

ता उम्र जमाने को आंखे देखा करती थी !

अब उन्हे देख दिल के भी आंखे निकल आई  !!


इश्क मे दिल दिल को देखे ये ओर बात थी !

आज की आंखे दिल छोड कमर पर चली आई !!


मोहब्बत मे दूर रहकर भी दिल पास रहते थे !

आज जिस्म मिलाकर दूर रहने की प्रर्था चली आई!!


प्रेम मे त्याग करना भी वाह! क्या जिंदगी थी  !

आज उपयोग कर छोडने की महक चली आई !!                          

  --भारत--    


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