ता उम्र जमाने को आंखे देखा करती थी !
अब उन्हे देख दिल के भी आंखे निकल आई !!
इश्क मे दिल दिल को देखे ये ओर बात थी !
आज की आंखे दिल छोड कमर पर चली आई !!
मोहब्बत मे दूर रहकर भी दिल पास रहते थे !
आज जिस्म मिलाकर दूर रहने की प्रर्था चली आई!!
प्रेम मे त्याग करना भी वाह! क्या जिंदगी थी !
आज उपयोग कर छोडने की महक चली आई !!
--भारत--
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