Monday, June 11, 2012

ता उम्र जमाने को आंखे देखा करती थी !

अब उन्हे देख दिल के भी आंखे निकल आई  !!


इश्क मे दिल दिल को देखे ये ओर बात थी !

आज की आंखे दिल छोड कमर पर चली आई !!


मोहब्बत मे दूर रहकर भी दिल पास रहते थे !

आज जिस्म मिलाकर दूर रहने की प्रर्था चली आई!!


प्रेम मे त्याग करना भी वाह! क्या जिंदगी थी  !

आज उपयोग कर छोडने की महक चली आई !!                          

  --भारत--    


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