--बें बात की बात--
वाह ! क्या वक्त था
जब प्यार हुआ
ना मैनें बात की
ना उसने शुरुआत
लोगो ने शेखी बरती
ऑर फलक पर
बात पहुच
बनी करामात
इस मुहं से
कभी उस मुह से
न जाने किस किस
के मुह से
निकल पडी एक ही बात
"क्या चक्कर है "
बातो का काफीला
गुजरा जिधर से
तो कुछ हमने सुना
कुछ सुन वे मुस्कुरा गए
देर ना हुई
निगाहों को भी
वे बातो से ना सही
तो इशारो से ही
बतीया गए
निगाहें, निगाहों से
ना हो सकी
आबाद
ओर हम हो गए
बेवजह बरबाद
वक्त गुजर चुका
वो अपने घर को चले
हम खुद के शहर को
कुछ याद लिए
कुछ मोहब्ब्त का
बोझ लिए
आज अर्से बाद भी
एक याद लिए
मुस्कुराते है
अनजाने मे भी हम
उनसे बात क्यु
नही कर पाते थे ?
बिन बातो से हुई
पहली मोहब्बत
आज भी
निगाहें घेरकर
दिल बिखेरती है
मन चहकता है
मैं महकता हु
वो हवा बन कर आती है
मैं चिराग बन
बुझ जाता हुं
नादान था मैं उस वक्त
अनजान थी वो परी
तभी कुछ लोगो ने
बना दी अपनी
मनचाही कहानी !!!!!
-- भारत शोभावत कोटडी --
वाह ! क्या वक्त था
जब प्यार हुआ
ना मैनें बात की
ना उसने शुरुआत
लोगो ने शेखी बरती
ऑर फलक पर
बात पहुच
बनी करामात
इस मुहं से
कभी उस मुह से
न जाने किस किस
के मुह से
निकल पडी एक ही बात
"क्या चक्कर है "
बातो का काफीला
गुजरा जिधर से
तो कुछ हमने सुना
कुछ सुन वे मुस्कुरा गए
देर ना हुई
निगाहों को भी
वे बातो से ना सही
तो इशारो से ही
बतीया गए
निगाहें, निगाहों से
ना हो सकी
आबाद
ओर हम हो गए
बेवजह बरबाद
वक्त गुजर चुका
वो अपने घर को चले
हम खुद के शहर को
कुछ याद लिए
कुछ मोहब्ब्त का
बोझ लिए
आज अर्से बाद भी
एक याद लिए
मुस्कुराते है
अनजाने मे भी हम
उनसे बात क्यु
नही कर पाते थे ?
बिन बातो से हुई
पहली मोहब्बत
आज भी
निगाहें घेरकर
दिल बिखेरती है
मन चहकता है
मैं महकता हु
वो हवा बन कर आती है
मैं चिराग बन
बुझ जाता हुं
नादान था मैं उस वक्त
अनजान थी वो परी
तभी कुछ लोगो ने
बना दी अपनी
मनचाही कहानी !!!!!
-- भारत शोभावत कोटडी --
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