जमाना मुतजाद बन चुका है, करतार !
लोग चाहकर भी नही रहते बरकरार !!
चन्द शेखी से जो बन गए तक्कार !
दुनिया जानकर भी ना करती उनको इन्कार !!
कल तक थे जो पैदाईशी मक्कार !
आज दिल्ली के बन चुके हकदार !!
जिनमें थी केवल हवस की मिक़दार !
आज वे ही है देश के पहरेदार !!
हे खुदा, ऐसा परींदा कर नूमदार !
गरीबो का मसीहा जो 'भारत' मे रहे सदाबहार !!
--भारत--
करतार = ईश्वर
तक्कार = वक्ता
मिक़दार = मात्रा
नूमदार = प्रगट
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