Sunday, June 24, 2012

ख्वाबो से भरा ख्वाब

    "ख्वाबो से भरा ख्वाब"
        
पहली बार दिखे आज वो ख्वाब मे!ं
रुठे हुए मगर कुछ नये नजर आए !!

शिकायत थी उनकी हर एक लब्ज में !
आज इश्क मे बहते अश्क नजर आए  !!

आशियाने तक चले थे , आज वो ख्वाब में !
मेरे अपनो को अपनो की तरह मिलते नजर आए  !!

दिल चाह रहा था , बातो के उस सिलसिले को  !
हकीकत मे नही मगर ख्वाब में गुफ्तगु करते नजर आए!!

ढेर सारे ख्वाबो को संजोया था, आज ख्वाब में !
नींद के खुलते ही फिर से किताबों के बण्डल नजर आए!!    

            --भारत--  

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