"ख्वाबो से भरा ख्वाब"
पहली बार दिखे आज वो ख्वाब मे!ं
रुठे हुए मगर कुछ नये नजर आए !!
शिकायत थी उनकी हर एक लब्ज में !
आज इश्क मे बहते अश्क नजर आए !!
आशियाने तक चले थे , आज वो ख्वाब में !
मेरे अपनो को अपनो की तरह मिलते नजर आए !!
दिल चाह रहा था , बातो के उस सिलसिले को !
हकीकत मे नही मगर ख्वाब में गुफ्तगु करते नजर आए!!
ढेर सारे ख्वाबो को संजोया था, आज ख्वाब में !
नींद के खुलते ही फिर से किताबों के बण्डल नजर आए!!
--भारत--
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