चेहरे जितने देखे ..
सबके सब
खुबसूरत थे ...
मुलाकात के बाद
कुछ दिल से
बदसूरत निकले .....
अजीब दौर था ,
जब नूर देखना
नाज समझते थे ...
आज नकाब क्या
हटे ....
गुरुर से भरे,
चेहरे निकले ....
चेहरे का ...
आशिकाना शौक
इश्क के नाम ,
समझोता है ...
"ये नही तो वो ही सही "
ये प्यार है या ,
कोई खिलौना है !!!!!!
-----भारत ------
-----भारत ------
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